शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

Shreemad Bhagwat Gita

येषामर्थे काङक्षितं नो राज्यं भोगाः सुखानि च।
 त इमेऽवस्थिता युद्धे प्राणांस्त्यक्त्वा धनानि च॥

हमें जिनके लिए राज्य, भोग और सुखादि अभीष्ट हैं, वे ही ये सब धन और जीवन की आशा को त्यागकर युद्ध में खड़े हैं
 ॥33॥

~ श्लोक 33 - अध्याय 1

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