बुधवार, 15 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः।
 पौण्ड्रं दध्मौ महाशंख भीमकर्मा वृकोदरः॥

श्रीकृष्ण महाराज ने पाञ्चजन्य नामक, अर्जुन ने देवदत्त नामक और भयानक कर्मवाले भीमसेन ने पौण्ड्र नामक महाशंख बजाया
 ॥15॥

~ श्लोक 15 - अध्याय 1

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