रविवार, 19 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत्‌।
 नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलो व्यनुनादयन्‌॥

और उस भयानक शब्द ने आकाश और पृथ्वी को भी गुंजाते हुए धार्तराष्ट्रों के अर्थात आपके पक्षवालों के हृदय विदीर्ण कर दिए
 ॥19॥

~ श्लोक 19 - अध्याय 1

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