सोमवार, 13 जनवरी 2020

shrimadbhagwat Geeta

ततः शंखाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः।
 सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्‌॥

इसके पश्चात शंख और नगाड़े तथा ढोल, मृदंग और नरसिंघे आदि बाजे एक साथ ही बज उठे। उनका वह शब्द बड़ा भयंकर हुआ
 ॥13॥

~ श्लोक 13 - अध्याय 1

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