बुधवार, 22 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः।
 धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः॥

दुर्बुद्धि दुर्योधन का युद्ध में हित चाहने वाले जो-जो ये राजा लोग इस सेना में आए हैं, इन युद्ध करने वालों को मैं देखूँगा
 ॥23॥

~ श्लोक 23 - अध्याय 1

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