मंगलवार, 14 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।
 माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शंखौ प्रदध्मतुः॥

इसके अनन्तर सफेद घोड़ों से युक्त उत्तम रथ में बैठे हुए श्रीकृष्ण महाराज और अर्जुन ने भी अलौकिक शंख बजाए
 ॥14॥

~ श्लोक 14 - अध्याय 1

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