गुरुवार, 2 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।
 नायका मम सैन्यस्य सञ्ज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते॥

हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! अपने पक्ष में भी जो प्रधान हैं, उनको आप समझ लीजिए। आपकी जानकारी के लिए मेरी सेना के जो-जो सेनापति हैं, उनको बतलाता हूँ
 ॥7॥

~ श्लोक 7 - अध्याय 1

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