शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः।
 भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि॥

इसलिए सब मोर्चों पर अपनी-अपनी जगह स्थित रहते हुए आप लोग सभी निःसंदेह भीष्म पितामह की ही सब ओर से रक्षा करें
 ॥11॥

~ श्लोक 11 - अध्याय 1

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