शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

shrimad bhagwat Geeta

भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः।
 अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च॥

आप-द्रोणाचार्य और पितामह भीष्म तथा कर्ण और संग्रामविजयी कृपाचार्य तथा वैसे ही अश्वत्थामा, विकर्ण और सोमदत्त का पुत्र भूरिश्रवा
 ॥8॥

~ श्लोक 8 - अध्याय 1

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