शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

Shremad Bhagwat Gita

आचार्याः पितरः पुत्रास्तथैव च पितामहाः।
 मातुलाः श्वशुराः पौत्राः श्यालाः संबंधिनस्तथा॥

गुरुजन, ताऊ-चाचे, लड़के और उसी प्रकार दादे, मामे, ससुर, पौत्र, साले तथा और भी संबंधी लोग हैं 
 ॥34॥

~ श्लोक 34 - अध्याय 1 

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