मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

श्रीमद्भागवत गीता।

उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन।
 नरकेऽनियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम॥

हे जनार्दन! जिनका कुल-धर्म नष्ट हो गया है, ऐसे मनुष्यों का अनिश्चितकाल तक नरक में वास होता है, ऐसा हम सुनते आए हैं
 ॥44॥

~ श्लोक 44 - अध्याय 1

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