गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020

श्रीमद्भागवत गीता

इन्द्रियाणि पराण्याहुरिन्द्रियेभ्यः परं मनः।
 मनसस्तु परा बुद्धिर्यो बुद्धेः परतस्तु सः॥

इन्द्रियों को स्थूल शरीर से पर यानी श्रेष्ठ, बलवान और सूक्ष्म कहते हैं। इन इन्द्रियों से पर मन है, मन से भी पर बुद्धि है और जो बुद्धि से भी अत्यन्त पर है वह आत्मा है
 ॥42॥

~ श्लोक 42 - अध्याय 3 - कर्मयोग

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