मंगलवार, 12 जनवरी 2021

श्रीमद्भागवत गीता

ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मनः।
 तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम्‌॥

परन्तु जिनका वह अज्ञान परमात्मा के तत्व ज्ञान द्वारा नष्ट कर दिया गया है, उनका वह ज्ञान सूर्य के सदृश उस सच्चिदानन्दघन परमात्मा को प्रकाशित कर देता है
 ॥16॥

~ श्लोक 16 - अध्याय 5 - कर्मयोग-कृष्णभावनाभावित कर्म

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