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बुधवार, 1 जुलाई 2020
श्रीमद्भागवत गीता
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः॥
इस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, इसको आग नहीं जला सकती, इसको जल नहीं गला सकता और वायु नहीं सुखा सकता
॥23॥
~ श्लोक 23 - अध्याय 2 - गीता का सार
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