गुरुवार, 12 मार्च 2020

श्रीमद्भागवत गीता

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।
 न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः॥

इस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, इसको आग नहीं जला सकती, इसको जल नहीं गला सकता और वायु नहीं सुखा सकता
 ॥23॥

~ श्लोक 23 - अध्याय 2

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