बुधवार, 17 जून 2020

श्रीमद्भागवत गीता

नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः।
 उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्वदर्शिभिः॥

असत्‌ वस्तु की तो सत्ता नहीं है और सत्‌ का अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्व तत्वज्ञानी पुरुषों द्वारा देखा गया है
 ॥16॥

~ श्लोक 16 - अध्याय 2 

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