गुरुवार, 28 मई 2020

श्रीमद्भागवत गीता

( अर्जुन की कायरता के विषय में श्री कृष्णार्जुन-संवाद )
 संजय उवाच
 तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्‌।
 विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः॥

संजय बोले- उस प्रकार करुणा से व्याप्त और आँसुओं से पूर्ण तथा व्याकुल नेत्रों वाले शोकयुक्त उस अर्जुन के प्रति भगवान मधुसूदन ने यह वचन कहा
 ॥1॥

~ श्लोक 1 - अध्याय 2 

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