शुक्रवार, 22 नवंबर 2019

श्रीमद् भागवत गीता

अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम्‌। सम्भावितस्य चाकीर्ति- र्मरणादतिरिच्यते॥ तथा सब लोग तेरी बहुत काल तक रहने वाली अपकीर्ति का भी कथन करेंगे और माननीय पुरुष के लिए अपकीर्ति मरण से भी बढ़कर है ॥34॥ ~ श्लोक 34 - अध्याय 2

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